मार्गशीर्ष Purnima 4 दिसंबर 2025: साल की आखिरी पूर्णिमा से इन राशियों का शुरू होगा अच्छा टाइम, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
मार्गशीर्ष माह हिंदू पंचांग के अनुसार अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस माह की पूर्णिमा का अपना अलग ही महत्व होता है। साल 2025 की आखिरी Purnima 4 दिसंबर को पड़ रही है, जो धन, सौभाग्य, और आध्यात्मिक उन्नति देने वाली मानी जा रही है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है और कई राशियों के लिए यह दिन शुभता लेकर आने वाला है।
मार्गशीर्ष Purnima 2025 क्या है?
इस दिन का धार्मिक महत्व
मार्गशीर्ष माह भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय महीना माना गया है। इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य में वृद्धि होती है। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च ऊर्जा पर होता है, जिससे मन और आत्मा को शांति मिलती है।
पूर्णिमा क्यों मानी जाती है खास?
पूर्णिमा वह दिन है जब चंद्रमा पूर्ण होता है। यह दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है और ध्यान, पूजा व उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
4 दिसंबर 2025 की Purnima का महत्व
साल की आखिरी Purnima क्यों है खास?
यह Purnima साल का अंतिम पूर्ण चंद्र दिवस है, इसलिए माना जाता है कि इस दिन किए गए कार्यों का परिणाम आने वाले वर्ष में भी शुभता देता है।
मां लक्ष्मी की विशेष कृपा
इस दिन विशेष रूप से लक्ष्मीनारायण की पूजा करने से आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन के नए अवसर प्राप्त होते हैं।
पितरों के आशीर्वाद का समय
इस पूर्णिमा पर तर्पण और पितृ स्मरण करने से पितृ कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर किए जाने वाले विशेष कार्य
स्नान और दान का महत्व
गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से विशेष पुण्य मिलता है। यदि नदी तक जाना संभव न हो, तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
दान में —
- भोजन
- कपड़े
- गुड़
- आटा
- तेल
दान करने से शुभ फल मिलता है।
लक्ष्मी पूजन की विधि
- घर के साफ स्थान पर मां लक्ष्मी और श्रीहरि विष्णु की प्रतिमा रखें
- दीपक जलाएं और लक्ष्मी मंत्र का जाप करें
- कमल का फूल अर्पित करें
- खीर और मीठा प्रसाद चढ़ाएं
मंत्र और स्तोत्र पाठ
- श्रीसूक्त पाठ
- विष्णु सहस्रनाम
- लक्ष्मी बीज मंत्र
यह सब अत्यंत फलदायी माना गया है।
4 दिसंबर 2025 की पूर्णिमा किन राशियों के लिए शुभ?
इस पूर्णिमा का प्रभाव सभी पर पड़ता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष शुभ फल देने वाला है
मेष
आर्थिक लाभ और नई योजनाओं की शुरुआत।
मिथुन
कारोबार में लाभ और नए अवसर मिलेंगे।
सिंह
मान-सम्मान बढ़ेगा, आर्थिक स्थिरता आएगी।
तुला
परिवार में खुशी आएगी, निवेश में लाभ होगा।
मकर
नौकरी में पदोन्नति या नया अवसर मिल सकता है।
मीन
स्वास्थ्य में सुधार और धन वृद्धि।
इन राशियों के लिए क्या फल मिलेंगे?
धन लाभ
अचानक धन प्राप्ति और रुके हुए पैसे मिलने के योग।
नौकरी और करियर में उन्नति
कैरियर में बड़ा परिवर्तन या प्रमोशन मिलने की संभावनाएँ।
व्यापार में सफलता
नए सौदे होंगे और लाभ बढ़ेगा।
प्रेम जीवन और वैवाहिक सुख
संबंध मजबूत होंगे, प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी।
स्वास्थ्य में सुधार
पुरानी बीमारियों से राहत तथा मानसिक शांति।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर उपाय
लक्ष्मीनारायण की पूजा का महत्व
इस दिन लक्ष्मीनारायण पूजा करने से बंधे हुए कार्य सफल होते हैं।
धन वृद्धि के खास उपाय
- शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं
- लक्ष्मी जी को कमल का फूल चढ़ाएं
- घर के उत्तर दिशा में कुबेर मंत्र का जाप करें
पितृदोष शांति उपाय
काले तिल, जल और दूध से तर्पण करने से पितृदोष कम होता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का ज्योतिषीय प्रभाव
चंद्र ग्रह की स्थिति
इस पूर्णिमा पर चंद्रमा उच्च भाव में रहता है जिससे मानसिक शक्ति और ऊर्जा बढ़ती है।
राशियों पर ऊर्जा का प्रभाव
चंद्रमा की पूर्ण ऊर्जा के कारण व्यक्तियों में सकारात्मकता बढ़ती है और आत्मविश्वास में इजाफा होता है।
शुभ समय और राहुकाल
पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर 2025 को सुबह से शुरू होकर अगले दिन सुबह तक रहेगी।
शुभ समय में पूजा करने से कई गुना फल मिलता है।
निष्कर्ष
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 4 दिसंबर 2025 का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय रूप से बेहद खास है। यह साल की आखिरी पूर्णिमा धन, समृद्धि, उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। मां लक्ष्मी की कृपा इन छह राशियों पर विशेष रूप से बनी रहेगी। यदि आप भी इस दिन पूजन, दान और ध्यान करते हैं तो जीवन में शुभता और सफलता के द्वार खुल सकते हैं।
FAQs
1. मार्गशीर्ष Purnima कब है 2025 में?
4 दिसंबर 2025 को।
2. इस दिन लक्ष्मी पूजा क्यों की जाती है?
क्योंकि यह दिन आर्थिक समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
3. किन राशियों को विशेष लाभ मिलेगा?
मेष, मिथुन, सिंह, तुला, मकर और मीन को।
4. क्या पूर्णिमा पर दान करना जरूरी है?
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
5. इस दिन कौन से मंत्र का जाप लाभकारी है?
श्रीसूक्त, विष्णु सहस्रनाम और लक्ष्मी बीज मंत्र।

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