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Bangladesh (बांग्लादेश) में फिर भूकंप: 24 घंटे में दो झटके, 9 की मौत

Bangladesh (बांग्लादेश) में 24 घंटे के अंदर फिर लगे भूकंप के झटके, कल गई थी 9 लोगों की जान

बांग्लादेश (Bangladesh) ने पिछले 24 घंटों में एक के बाद एक दो बड़े झटकों को महसूस किया है। लगातार भूकंपीय गतिविधियाँ देश को एक बार फिर दहशत की हालत में ले आई हैं। हाल ही में आए भूकंप ने न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित किया बल्कि कल आई विनाशकारी घटना में 9 लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी। नए झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

Bangladesh (बांग्लादेश) में फिर भूकंप: 24 घंटे में दो झटके, 9 की मौत

हालिया घटना का पूरा विवरण

आधी रात लगे तेज झटके

नए झटकों का समय देर रात बताया जा रहा है। लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी। तेज कंपन के चलते लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए।

प्रभावित इलाकों की सूची

भूकंप के प्रमुख कंपन निम्न क्षेत्रों में महसूस किए गए:

  • ढाका
  • चटगाँव
  • सिलहट
  • खुलना
  • मयमनसिंह

इन क्षेत्रों में कंपन इतनी तेज थी कि लोग दहशत में बाहर निकल आए।

स्थानीय प्रशासन की प्राथमिक रिपोर्ट

स्थानीय प्रशासन के अनुसार फिलहाल कोई बड़ी क्षति की खबर नहीं है, लेकिन पुराने भवनों में दरारें दिखने की रिपोर्ट सामने आई है।

पिछले 24 घंटे में आए भूकंप का बैकग्राउंड

9 लोगों की मौत वाली घटना

एक दिन पहले आए भूकंप के कारण 9 लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग मलबे में दब गए थे और दर्जनों घायल हुए थे।

दर्ज की गई तीव्रता और प्रभाव

पहले भूकंप की तीव्रता 5.6 के आसपास बताई गई थी। इसका केंद्र नेपाल-बांग्लादेश की सीमा के पास था। झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।

घायलों और क्षति का आंकड़ा

50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

लगातार झटकों का कारण

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार भूकंप आने के पीछे टेक्टॉनिक प्लेटों की सक्रियता जिम्मेदार है। बांग्लादेश इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन प्लेट के जंक्शन पर स्थित है।

बांग्लादेश किस फॉल्ट लाइन पर स्थित है?

देश मुख्य रूप से:

  • बंगाल फॉल्ट
  • डाउकी फॉल्ट
  • हिमालयन फ्रंटल थ्रस्ट

इनके प्रभाव क्षेत्र में आता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

सेस्मोलॉजिस्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक्स जारी रह सकते हैं।

भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र

राजधानी ढाका की स्थिति

ढाका में कंपन सबसे ज्यादा महसूस किए गए। ऊँची इमारतों में लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।

चटगाँव और सिलहट के हालात

चटगाँव में कई पुरानी बिल्डिंगों में दरारें आई हैं। सिलहट में लोग पूरी रात घरों से बाहर ही रहे।

सीमावर्ती क्षेत्रों का प्रभाव

भारत से सटे जिलों में भी कंपन महसूस हुए हैं।

लोगों में दहशत और हालात

रातभर घरों से बाहर रहे लोग

भय के कारण बड़ी संख्या में लोग पार्कों और सड़कों पर रहे।

सोशल मीडिया पर डर का माहौल

लोग लगातार अपडेट शेयर कर रहे हैं, वीडियो वायरल हो रहे हैं।

स्कूल, ऑफिस और बाजारों पर असर

कई क्षेत्रों में स्कूल और ऑफिस आज बंद रखे गए।

सरकारी और रेस्क्यू एजेंसियों की कार्रवाई

राहत और बचाव कार्य

टीमें तुरंत सक्रिय की गईं और प्रभावित इलाकों में जांच शुरू की गई।

मेडिकल टीमों को हाई अलर्ट

अस्पतालों में भी इमरजेंसी व्यवस्था की गई है।

नुकसान का आकलन शुरू

विशेष टीमें क्षति का आंकलन कर रही हैं।

भारत और पड़ोसी देशों तक प्रभाव

पूर्वोत्तर भारत में हल्के झटके

त्रिपुरा, असम और मेघालय में हल्की कंपन की खबरें सामने आई हैं।

सीमावर्ती जिलों में सतर्कता

BSF और प्रशासन सतर्क मोड पर है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ

कई देशों ने चिंता जताई और सहायता की पेशकश की है।

बांग्लादेश की भूकंपीय संवेदनशीलता

ऐतिहासिक भूकंप

1897 और 1950 के भूकंप देश की बड़ी आपदाओं में से रहे हैं।

भविष्य का खतरा

वैज्ञानिकों के अनुसार यह क्षेत्र बड़े भूकंप की संभावना वाला ज़ोन है।

तैयारी कितनी मजबूत है?

इन्फ्रास्ट्रक्चर कमजोर है, कई बिल्डिंगें पुराने नियमों के अनुसार बनी हैं।

आम जनता के लिए सुरक्षा उपाय

भूकंप के समय क्या करें?

  • इमारत से बाहर निकलें
  • मजबूत टेबल के नीचे बैठें
  • लिफ्ट का उपयोग न करें

किन गलतियों से बचें?

  • खिड़कियों के पास न रहें
  • अफवाहों पर विश्वास न करें

घर में सुरक्षा तैयारियाँ

  • इमरजेंसी किट
  • टॉर्च और पावर बैंक
  • फर्स्ट एड बॉक्स

मीडिया रिपोर्ट्स और तथ्य

भूकंप की तीव्रता की पुष्टि

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कंपन की पुष्टि की है।

अनुसंधान एजेंसियों की रिपोर्ट

भूकंप का केंद्र उथला था, इसलिए कंपन ज्यादा महसूस हुए।

आगे आने वाले 48 घंटों की चेतावनी

आफ्टरशॉक्स जारी रह सकते हैं।

निष्कर्ष – चेतावनी, सीख और भविष्य की तैयारी

24 घंटे में आए दो बड़े झटकों ने यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेश अभी भी गंभीर भूकंपीय खतरे के बीच है। सरकार, एजेंसियों और आम जनता को मिलकर सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करना होगा। जागरूकता और तुरंत कार्रवाई ही ऐसी स्थितियों में जान बचा सकती है।


FAQs

1. बांग्लादेश में भूकंप कब आया था?

पिछले 24 घंटों में दो बार तेज झटके महसूस किए गए।

2. कितने लोगों की मौत हुई है?

पहले भूकंप में 9 लोगों की मौत हुई थी।

3. क्या आने वाले दिनों में और झटके आ सकते हैं?

हाँ, विशेषज्ञों ने आफ्टरशॉक्स की चेतावनी दी है।

4. किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर देखा गया?

ढाका, चटगाँव और सिलहट में कंपन ज्यादा महसूस हुए।

5. क्या भारत में भी असर हुआ?

हाँ, पूर्वोत्तर भारत में हल्के झटके महसूस किए गए।