Dhanteras 2025: धनतेरस आज, इतने बजे से शुरू होगा खरीदारी का मुहूर्त
हर साल दीपावली से पहले आने वाला Dhanteras 2025 का पर्व समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। इस दिन नए सामान, खासकर सोना, चांदी या बर्तन खरीदने की परंपरा होती है। माना जाता है कि धनतेरस के दिन की गई खरीदारी से घर में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है।
Dhanteras का महत्व क्या है?
धनतेरस केवल खरीदारी का दिन नहीं है, बल्कि यह संपन्नता और स्वास्थ्य का उत्सव है। ‘धन’ का अर्थ होता है समृद्धि, और ‘तेरस’ का अर्थ है त्रयोदशी तिथि। इसलिए यह दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए समर्पित है।
Dhanteras 2025 की तारीख और दिन
वर्ष 2025 में Dhanteras का त्योहार 19 अक्टूबर (सोमवार) को मनाया जाएगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि सुबह से ही शुरू हो जाएगी, जो रात्रि तक रहेगी।
Dhanteras 2025 का शुभ मुहूर्त
खरीदारी के शुभ समय
खरीदारी के लिए सबसे उत्तम समय 19 अक्टूबर को शाम 6:20 बजे से रात 8:15 बजे तक रहेगा। इस समय में स्थिर लग्न का योग बनेगा, जो खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है।
पूजन का सही समय
धनतेरस पूजन का मुहूर्त शाम 7:00 बजे से रात 8:30 बजे तक रहेगा। इस अवधि में भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी का पूजन अत्यंत शुभ माना गया है।
धनतेरस का पौराणिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान यमराज को प्रसन्न करने के लिए दीपदान करने की परंपरा भी शुरू हुई थी।
Dhanteras का धार्मिक महत्व
इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा कर धन-संपत्ति की कामना की जाती है। घर में दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
धनतेरस और धन्वंतरि जयंती का संबंध
भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक कहा गया है। इसलिए डॉक्टर और वैद्य इस दिन उनका विशेष पूजन करते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि धन से बढ़कर स्वास्थ्य है, क्योंकि धन्वंतरि जी ने ही अमृत प्रदान किया था।
धनतेरस पर की जाने वाली प्रमुख खरीदारी
सोना और चांदी
धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। यह स्थायी संपत्ति का प्रतीक है।
बर्तन
अगर सोना या चांदी न खरीद सकें तो नए बर्तन खरीदना भी शुभ होता है। ध्यान रहे कि बर्तन खाली घर न लाएं — उसमें कुछ अनाज या चावल अवश्य रखें।
झाड़ू और अन्य वस्तुएं
कई लोग धनतेरस पर झाड़ू भी खरीदते हैं, क्योंकि यह लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है और घर से दरिद्रता दूर करती है।
धनतेरस पूजन विधि (Step by Step)
पूजन से पहले की तैयारी
घर की साफ-सफाई करें, विशेष रूप से मुख्य द्वार और पूजा स्थल की। दरवाजे पर स्वस्तिक और ॐ बनाएं।
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
- दीपक (घी या तेल का)
- धूपबत्ती
- फूल
- अक्षत (चावल)
- मिठाई
- कुबेर जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति
- पानी का कलश
- नए सिक्के या बर्तन
धनतेरस पूजन की प्रक्रिया
- सबसे पहले भगवान धन्वंतरि की पूजा करें।
- फिर कुबेर जी और मां लक्ष्मी को प्रसाद चढ़ाएं।
- दीपक जलाएं और घर के मुख्य द्वार पर रखें।
- पूरे घर में दीपक घुमाएं ताकि सकारात्मक ऊर्जा फैल सके।
धनतेरस पर लक्ष्मी और कुबेर पूजन कैसे करें
लक्ष्मी जी को कमल का फूल चढ़ाएं और “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
भगवान कुबेर के लिए “ॐ यं कुबेराय नमः” मंत्र का जाप किया जाता है।
धनतेरस पर दीपदान का महत्व
इस दिन यमराज के नाम से दक्षिण दिशा में दीपदान किया जाता है। यह दीप मृत्यु के भय को दूर करता है और परिवार की रक्षा करता है।
धनतेरस पर क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
- नए बर्तन, आभूषण या सिक्के खरीदें।
- दीप जलाकर घर को रोशन करें।
क्या न करें:
- इस दिन उधार न दें और न लें।
- झाड़ू या कूड़ा रात में न निकालें।
धनतेरस 2025 पर विशेष ज्योतिषीय योग
इस वर्ष धनतेरस पर धनयोग बन रहा है। गुरु और शुक्र की शुभ स्थिति से व्यापारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
धनतेरस और धन-संपत्ति का संबंध
धनतेरस यह सिखाता है कि धन कमाने के साथ-साथ उसे सही दिशा में लगाना भी जरूरी है। यह दिन हमें समृद्धि के साथ-साथ संतुलन का भी संदेश देता है।
निष्कर्ष
धनतेरस केवल खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि यह समृद्धि, आरोग्य और शुभता का उत्सव है। इस दिन सही समय पर पूजा और खरीदारी करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और जीवन में खुशहाली आती है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. धनतेरस 2025 कब है?
20 अक्टूबर 2025, सोमवार को धनतेरस मनाई जाएगी।
2. धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ होता है?
सोना, चांदी, बर्तन और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है।
3. धनतेरस पर कौन-सा दीप जलाना चाहिए?
घी का दीपक जलाना सबसे शुभ माना गया है।
4. धनतेरस पर कौन-से देवता की पूजा की जाती है?
मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।
5. धनतेरस पर दीपदान क्यों किया जाता है?
यमराज को प्रसन्न करने और परिवार की दीर्घायु के लिए दीपदान किया जाता है।
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